joisebanshabali@gmail.com

9819959035

लेख रचना

थारू एक परिचय

photo

सन्तलाल जोइस (थारू)

मिगौलिया गा.वि.स.-८, तिनमोहरी, मोरङ्ग

थारू सबके नेपालमे वर्षोंसे इतिहास छ । नेपालके तराई क्षेत्रके म-मागमं कठिन वातावरण में सदियों से औलो ग्रस्त क्षेत्र औलोसे मिडके शक्ति प्राप्त करके तराई के विषाक्त और रोग ग्रस्त वातावरणमे आपन जीवनचर्चा कायम राइख सकल एक मात्र जाइत थारू चियै । नेपाल धर्ती माताके प्रति प्रगाढ प्रेम और ये जगहकं माइट, वन जंगल, प्रकृति से नै छुट्टैवाला नङ्ग या मौसके सम्बन्ध थारू जाइतकं मात्रे छै । तै दुआरे भारत स्वतन्त्र भेलाके बाद थारू सबके भारत सरकार अनुसूची जाइतके सुविधा प्रदान केलाके वादो भारत तरफ एकोरति आकर्षित नै मैले ।
सबके
थारू सब राजस्थानके थार भूमिसे मुसलमानके आक्रमणके बाद १५औं शताब्दी तरफ नेपाल नै यैल छै । इतिहासकार शिरोमणि बाबुराम आचार्यके “थारू मूलघर” लेखमे थारूसब राजस्थानके मरुभूमिसे विस्थापित नै भ्याके यै भूमिमें हजारौ वर्षके इतिहास छै, दोसर साहित्यकार देवेन्द्र घिमिरेके अनुसार थारू सब नेपालके परापूर्व समयसे नेपालमे बसोबास करैबाला जाइत चियै । ६-७ हजार वर्ष पहिले से नेपालमे बसोबास करते आवै छै । तिरहुत राज्यके संगे अन्य राज्यके सम्बन्ध ऐतिहासिक दस्तावेजसे सोहो थारू सब नेपालके आदिम सन्तान चियै । कियाक त तिरहुतके सम्बन्ध थारूसँगे छै । अखनतो तिरहुत माइझ थारूसब सिमरौनगढ लगायत सप्तरी, सिरहा, उदयपुर, सुनसरी, मोरङ्गमे छै ।


थारू सब नेपालके आदिबासी चियै यै में कोनो दुइमते नै छै । पश्चिमी उदारवादी उ समुदायसव चियै जे कोनो भी राज्यके सिमाना स्थापित है बखत में ओई मुलुकमे बसोवास करैबाला बासिन्दा या सन्तती जकर वैचारिक स्थिति जे भेला पर भी ओकर आफ्ने सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या राजनैतिक प्रयास अधिक रूपसे कायम रहे है। तत्कालिन श्री ५ के सरकार आदिबासी जनजाति पहिचान करैके सन्दर्भ मे गठित जनजाति उत्थान प्रतिष्ठानके अनुसार क्याल गेल परिभाषाके अनुसार आपन मातृभाषा और परम्परागत रितिरिवाज रहल या चार वर्षके हिन्दु वर्णाश्रम व्यवस्था भितर ने परैवाला जाइतसब आदिवासी चियै ।


तै दुवारे, थारू सबके आपने फरक सांस्कृतिक, भाषा, धर्म, रितिरिवाज, रहनसहन, खानपिन, सामाजिक संरचना, परम्परागत भौगोलिक क्षेत्रसब पहिचान चियै जेना, थारू समुदायमे धुमरा नाच, मान नाच, चोर खेलिया, गुरूवा प्रथा, भल भंसा तथा समाजके जेठरैत मानैबाला संस्कृति अपनेने छै ।

जोइस थारु बंशावली

राष्ट्रिय समिति, नेपाल

joisebanshabali@gmail.com

9819959035

Follow Us

© जोइस थारु बंशावली. All Rights Reserved. Designed by Webpay