ये "जोइस" थारू वंशावली के दोसर संस्करण। के सम्बन्धमे हमर कथन ई आईछ जे प्रकाशित संस्करण में संरक्षण समिति के पदाधिकारी सव आ तथ्यांक संकलनकर्ता लगायत कम्प्यूटर लेआउट करनिहार सब में सर्वप्रथम आभार प्रकट करैत धन्यवाद ज्ञापन करैचियै ।
जोइस आ जोशी सम्बन्ध मे हक कहैले चाहै। चिये जे चौधरान सब चौधरी लिखे छै तहिना जोइस,
जोशी लिखवे आ बोलवे लाग्लै, खास क्याके सप्तरी मे हरिहरपुर, चकवा, रतवाला के लवका (युवा) पिढी के जोइस सब जोशी लिखवै छै । अतः एकरा अन्यथा नै बुइझ के जोइस या जोशी एके चियै दुई नै ।
अन्त मे यै संस्करण के प्रकाशनमे लावैले वहौत देरी मेले तकर लेल हम संरक्षण समिति के पदाधिकारी सबके तरफसे क्षमा याचना मागैत सहयोग करैवाला ज्ञात, अज्ञात के धन्यवाद देत प्रकाशन जानकी प्रिन्टिङ्ग प्रेस एण्ड छापाखाना के धन्यवाद दै चियै ।
पुलकित जोइस (सचिव)
जोइस थारू वंशावली संरक्षण समिति हरिहरपुर-९, सप्तरी
मो.नं. : ९८०४७८८४०७
सर्वप्रथम जोइस वंश के थारू सबके विचमें यी वंशावली एकता के भावना के संचार करते ई हम दृढ विश्वास करैचियै । हम नवगोटे एकेटा गाछ के डॉयर पात चियै यी एकता के भावना प्रस्तुति हेतै ।
यै दोसर संस्करण जे जोइस थारू सबके हैसियत और जनसंख्या के बारे मे सेहो जानकारी प्राप्त हेतै । जोइस थारू सब देश के कोन कोन जिल्ला में कतेक जनसंख्या में बसल छै ये बातक गम्भीर और सूक्ष्म ज्ञान यी दोसर संस्करण प्रदान करतै ।
तेसर बात के बाबा-दादी, काका-काकी, भाइ भतिजा, नाती- परनाती के सम्बन्ध में परैछे सेहो प्रष्ट करैछे ।
छुटल बढहल तथा बादमे जन्मल सबके समावेश करै के लेल यै दोसर संस्करण के आवश्यकता महसुश भेलै । प्रत्यक्ष वा अप्रत्यक्ष रूपमसे यै वंशावली के दोसर संस्करण के प्रकाशन में लागैवाला सब महानुभाव प्रति हम धन्यवाद ज्ञापन करैचियै ।
डा. लक्ष्मी लाल चौधरी
(सदस्य)
संविधान सभा, नेपाल
दुइ शब्द
“जोइस” थारू वंशावली के दोसर संस्करण अपनेके हाथ मे आइछ "जोइस" वंश थारू में एकटा बहुत नमहर वंश चियै । यै वंशके लोग सिरहा, सप्तरी, उदयपुर, सुनसरी, मोरङ्ग, झापा आ भक्तपुर तथा काठमाण्डु के अलावा भारत के दिल्ली मे बसोबास कैने छै । अकर अध्ययन से देखल जाइछै कि सब पश्चिम से पूरब तरफ बसाई सराई भेल छै । अतः सिरहा से पश्चिम के जिल्ला सब मे भी जोइस वंश के अस्तित्स भ्या सकै छै । अकर सँगै देशके और गाम, ठाम, जिल्ला या भारत के कोनो क्षेत्र वा प्रान्त मे छै कि ? तकर गहन खोज तलाश के आवश्यकता छै यै क्षेत्र मे जोइस थारू वंशावली संरक्षण समिति के तथा विज्ञ सबके तदारूकता के साथ संलग्न होना चाहि ।
राणा कालके उत्तरार्ध मे “थारू" सबके नाम सँगे "माझी" टाइटल देखल जाइछै । तश्पश्चात सब थौर “चौधरी" टाइटल लिखवे या बोल्वे लाग्लै जकर चलते थारू के चौधरी जाइत माने लागलै । प्रजातन्त्र ऐलाके बाद से थारू सब आपन आपन वंशके खोज तलाश कर के आपन गच्छ अनुसार नाम सँगे टाइटल लिखे वा बोलवे लाग्लै । स्मरण रहे “जोइस” वंश के नाम चियै टाइटल नै चियै । “जोइस" संज्ञा चियै । अकर विशेषण “जोशी” चियै ।। (जेना नेपाल-नेपाल) अतः टाइटल लिखे मे कोनो आपत्ति नै होना चाहि ।
जोइस वंशके जन्मल बारहल सम्पूर्ण “जोइस” मे बौद्धिक क्षेत्र में आपन हैसियत बनाइने छै । वर्तमान मे डा. श्री लक्ष्मीलाल जोइस सर्वप्रथम पी.एच.डी. करैबाला व्यक्तित्व चियै त न्यायमूर्ति श्री सत्यमोहन जोशी न्यायाधिश भ्याल छै । एहनगे यै वंशके जन्मल बारहल सब बौद्धिक क्षेत्रमे, चिकित्सा, इन्जिनियरिङ्ग निजामती, राजनैतिक, पत्रकारिता, खेलकूद आदि मे अगा बढ्वै से हम आशा करै चियै ।
अन्तमे जोइस संरक्षण समिति, संकलनकर्ता, सहयोगी सम्पूर्ण जाइल वंशके धन्यवाद ज्ञापन करैचियै ।
राष्ट्रिय समिति, नेपाल
joisebanshabali@gmail.com
9819959035
© जोइस थारु बंशावली. All Rights Reserved. Designed by Webpay